
Which Date is Best to Start Your SIP for Maximum Returns? : भारतीय निवेशकों के बीच Systematic Investment Plan (SIP) तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। लेकिन एक सवाल हमेशा चर्चा में रहता है – SIP शुरू करने के लिए महीने की कौन सी तारीख सबसे बेहतर है? क्या हमें हर महीने की 1 तारीख, 10 तारीख या फिर 25 तारीख को SIP करनी चाहिए? क्या तारीख बदलने से आपके रिटर्न पर कोई बड़ा असर पड़ता है?
इस ब्लॉग में हम 15+ साल के मार्केट डेटा और रिसर्च के आधार पर आपको इसका साफ और आसान जवाब बताएंगे, ताकि आप अपने SIP निवेश को सही दिशा दे सकें।
विस्तृत डेटा एनालिसिस यह दिखाता है कि अगर आप हर महीने 25 तारीख को SIP करते हैं, तो बाकी तारीखों की तुलना में रिटर्न थोड़ा बेहतर (लगभग 0.1% से 0.4% सालाना) हो सकता है। लेकिन यह अंतर इतना छोटा है कि इसे “सबसे बेस्ट SIP तारीख” कहना व्यावहारिक नहीं है।
असल मायने में, SIP निवेश में सही तारीख चुनने से ज्यादा ज़रूरी है निरंतरता और अनुशासन। यानी आप किस दिन निवेश करते हैं, इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, बल्कि इस बात से फर्क पड़ता है कि आप बिना रुके, हर महीने नियमित रूप से SIP करते रहें।
👉 आसान शब्दों में कहें तो, “SIP की सही तारीख” ढूँढने से ज्यादा फायदेमंद है लंबे समय तक नियमित निवेश करना।

SIP निवेश की सही तारीख कौन सी है?
Prime Investor के अध्ययन के मुताबिक SIP निवेश की तारीख पर बड़ा असर पड़ता है।
इस रिसर्च में Nifty 100 और Nifty 500 इंडेक्स के पिछले 15 साल (2008 से 2022) के डेटा का गहराई से विश्लेषण किया गया। इसमें अलग-अलग तारीखों – यानी हर महीने की 5वीं, 15वीं और 25वीं तारीख को किए गए SIP निवेश के रिटर्न की तुलना की गई।

SIP निवेश की सही तारीख कौन सी है?
अगर हम SIP निवेश की सही तारीख को लेकर पिछले 15 साल के रिटर्न्स का विश्लेषण करें, तो साफ पता चलता है कि 25वीं तारीख को SIP करने वाले निवेशकों को सबसे बेहतर रिटर्न मिला है।
👉 कुल मिलाकर देखा जाए तो चाहे 5 साल हों, 10 साल हों या 15 साल – SIP की 25वीं तारीख पर निवेश करना सबसे फायदे का सौदा रहा है।
👉 अगर आप ₹10,000 की मासिक SIP करते हैं और इसे 10 साल तक जारी रखते हैं, तो आपका कुल निवेश ₹12,00,000 होगा।
अब ज़रा देखें अंतर—
यानि दोनों तारीखों के बीच का अंतर सिर्फ ₹3,693 (0.17%) है।
इसका मतलब यह हुआ कि SIP की तारीख बदलने से रिटर्न पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता। आपके लिए सबसे ज़रूरी है नियमित निवेश करना, न कि यह सोचना कि कौन-सी तारीख ज़्यादा फायदेमंद होगी।
SIP (Systematic Investment Plan) में निवेश करते समय यह सवाल अक्सर आता है कि महीने की कौन सी तारीख सबसे सही रहती है। अक्सर लोग 1 तारीख, 10 तारीख या 25 तारीख को पसंद करते हैं। आइए हम इन तीनों तारीखों का सरल और आसान विश्लेषण करें।
फायदे:
नुकसान:
फायदे:
नुकसान:
फायदे:
नुकसान:
💡 निष्कर्ष:
SIP निवेश की सही तारीख पूरी तरह आपकी सैलरी और कैश फ्लो पर निर्भर करती है। अगर आप महीने की शुरुआत में निवेश कर सकते हैं तो 1 तारीख ठीक है, मध्य में 10 तारीख सुरक्षित विकल्प है, और अगर आप महीने के अंत का थोड़ा रिस्क ले सकते हैं तो 25 तारीख बेहतर रिटर्न दे सकती है।
अगर आप निवेश करते हैं, तो आपने शायद सुना होगा कि F&O एक्सपायरी डेट पर SIP करने से रिटर्न बेहतर हो सकते हैं। लेकिन क्या यह सच में काम करता है? आइए 22 साल के डेटा (2003-2024) के आधार पर देखें।
छोटे समय के लिए (1-3 साल) निवेश करने पर, डेटा से पता चला कि एक्सपायरी डेट पर SIP करने से 0.5% से 2.5% सालाना अधिक रिटर्न मिल सकता है। इसका कारण है:
लेकिन अगर आप 10 साल या उससे ज्यादा के लिए निवेश कर रहे हैं, तो यह timing का फायदा लगभग नज़रअंदाज़ हो जाता है।
SIP का असली फायदा Rupee Cost Averaging में है, न कि तारीख के चयन में। यह तरीका ऐसे काम करता है:
उदाहरण:
मान लीजिए आपकी मासिक SIP ₹5,000 है। अगर NAV ₹50 से ₹40 गिरता है, तो आप 100 units की बजाय 125 units खरीदेंगे। इससे आपका average cost कम हो जाता है और लंबे समय में रिटर्न बढ़ता है।
F&O एक्सपायरी डेट पर SIP करना छोटे समय के लिए थोड़ा फायदा दे सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह कोई बड़ा फर्क नहीं डालता। असली ताकत है लगातार निवेश और Rupee Cost Averaging, जो लंबी अवधि में आपके पैसे को बढ़ाने में मदद करता है।ता है।
| मिथक | वास्तविकता |
|---|---|
| Perfect timing से guaranteed higher returns | Difference केवल 0.1-0.4% सालाना है |
| Month-end dates हमेशा बेहतर होती हैं | Month-end advantage marginal और inconsistent है |
| F&O expiry major advantages देती है | Expiry impact longer periods में fade हो जाता है |
| Starting date consistency से ज्यादा important है | Consistency और duration सबसे महत्वपूर्ण हैं |
SIP (Systematic Investment Plan) में निवेश करते समय सबसे ज्यादा सवाल आता है – कौन सी तारीख चुनें? कई लोग सोचते हैं कि सही तारीख चुनने से ज्यादा मुनाफा मिलेगा, लेकिन सच यह है कि timing से ज्यादा consistency और long-term investment मायने रखता है। आइए जानते हैं कैसे सही तारीख चुनी जा सकती है और किन बातों पर ध्यान देना चाहिए।
SIP की तारीख चुनते समय सबसे आसान तरीका है अपनी सैलरी साइकल को ध्यान में रखना:
SIP date चुनते समय आपके अन्य खर्चों को भी ध्यान में रखना जरूरी है:
अगर आप अलग-अलग funds में SIP कर रहे हैं:
हर mutual fund company की SIP date options अलग होती हैं:
बड़े निवेशकों के लिए:
₹50,000+ मासिक SIP में multiple dates में divide करना थोड़ा फायदेमंद हो सकता है, जैसे 10वीं और 25वीं। लेकिन यह administrative hassle बढ़ा सकता है।
अध्ययनों से पता चलता है कि perfect timing से ज्यादा जरूरी है:
15+ साल के data analysis से पता चला है:
निष्कर्ष: Timing का effect long-term में negligible होता है।
सबसे अच्छी SIP date वो है जो:
ध्यान दें: ₹12 लाख के investment पर सबसे अच्छी और सबसे बुरी date के बीच फर्क सिर्फ ₹3,000-5,000 का होता है।
इसलिए focus करें:






