Public Provident Fund (PPF) एक लोकप्रिय और सरकार द्वारा समर्थित दीर्घकालिक बचत योजना है जो सुरक्षित निवेश के साथ कर लाभ और सुनिश्चित रिटर्न प्रदान करती है। यह योजना भारत सरकार द्वारा 1968 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य छोटी बचत को प्रोत्साहित करना और निवेशकों को टैक्स लाभ के साथ सुरक्षित बचत का विकल्प देना है।
Public Provident Fund (PPF) की मुख्य विशेषताएं
- पात्रता: केवल भारतीय निवासी इस योजना में निवेश कर सकते हैं। नाबालिगों के लिए भी माता-पिता या अभिभावक के माध्यम से खाता खोला जा सकता है। गैर-रेसीडेंट इंडियन (NRI) नए खाते नहीं खोल सकते लेकिन मौजूदा खाते को परिपक्वता तक रख सकते हैं।
- न्यूनतम और अधिकतम निवेश: प्रति वित्तीय वर्ष न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किया जा सकता है। राशि एकमुश्त या किस्तों में जमा की जा सकती है, जिसमें साल में अधिकतम 12 किस्तें हो सकती हैं।
- अवधि: PPF की अवधि 15 वर्ष है, जिसे 5-5 वर्षों के ब्लॉक में अनंत समय तक बढ़ाया जा सकता है।
- ब्याज दर: इसे सरकार द्वारा तिमाही आधार पर निर्धारित किया जाता है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के लिए प्रतिशत दर 7.1% है, जो सालाना कंपाउंड होती है।
- टैक्स लाभ:
- निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है।
- ब्याज पूरी तरह कर मुक्त होता है।
- परिपक्वता राशि (मूलधन + ब्याज) भी टैक्स फ्री होती है।
- ऋण सुविधा: 3rd वित्तीय वर्ष से लेकर 6th वित्तीय वर्ष तक ऋण लिया जा सकता है, जिसमें अधिकतम ऋण राशि खाते की बैलेंस का 25% होती है। ऋण 36 महीनों में चुकाना होता है।
- आंशिक निकासी: खाते के 7वें वर्ष के बाद साल में एक बार आंशिक निकासी संभव है, जो निवेशकों को धन की सुविधा उपलब्ध कराती है।
- खाता हस्तांतरण: PPF खाते को बैंक या डाकघर के बीच स्थानांतरित किया जा सकता है बिना किसी छूट या अवधि पर प्रभाव के।
- खाता संचालन: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से खाता खोला और प्रबंधित किया जा सकता है।

Public Provident Fund (PPF) के लाभ
- सुरक्षा: यह सरकार द्वारा समर्थित योजना है, इसलिए निवेशकों की पूंजी सुरक्षित रहती है। यह गैर-कटौती योग्य होता है, मतलब अदालत या लेनदार इसके फंड पर दावा नहीं कर सकते।
- कर में बचत: यह ‘EEE’ टैक्स श्रेणी में आता है, जिसमें निवेश, ब्याज और परिपक्वता पर कोई कर नहीं लगता।
- संपत्ति वृद्धि: सालाना कंपाउंडिंग के कारण लंबे समय में पूंजी में अच्छा इजाफा होता है, जो रिटायरमेंट या बच्चों की शिक्षा जैसे बड़े लक्ष्य के लिए उपयुक्त है।
- लचीलेपन: निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार निवेश राशि और आवृत्ति का चयन कर सकते हैं।
- ऋण और निकासी विकल्प: समय-समय पर उपलब्ध सुविधा के कारण जरूरत पड़ने पर धन निकासी या ऋण लेना संभव होता है।
- विरासत सुविधा: निवेशक की मृत्यु पर नामांकित व्यक्ति आसानी से राशि प्राप्त कर सकता है।
ब्याज की गणना कैसे होती है?
PPF पर ब्याज वार्षिक आधार पर कंपाउंड होता है, जो हर महीने की 5 तारीख के बाद के नीचे के बैलेंस पर आधारित होता है। इसलिए ब्याज अधिक पाने के लिए हर महीने की 5 तारीख से पहले राशि जमा करना लाभकारी है।
खाता खोलने और प्रबंधन की जानकारी
- PPF खाता सरकारी डाकघर, बैंक शाखाओं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों द्वारा खोला जा सकता है।
- खाता खोले जाने के बाद पासबुक या स्टेटमेंट दिया जाता है जिसमें सभी लेन-देन और ब्याज विवरण होते हैं।
- खाता किसी भी अधिकृत बैंक या डाकघर में ट्रांसफर हो सकता है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड सारांश तालिका
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| पात्रता | केवल भारतीय निवासी |
| न्यूनतम निवेश | ₹500 प्रति वर्ष |
| अधिक्तम निवेश | ₹1.5 लाख प्रति वर्ष |
| ब्याज दर | 7.1% प्रति वर्ष (कंपाउंडेड) |
| अवधि | 15 वर्ष (5 वर्ष के ब्लॉक में बढ़ाने योग्य) |
| टैक्स लाभ | धारा 80C के तहत निवेश, ब्याज और परिपक्वता टैक्स फ्री |
| ऋण सुविधा | 3rd से 6th वर्ष, 25% बैलेंस तक |
| आंशिक निकासी | 7वें वर्ष के बाद, प्रति वर्ष एक बार संभव |
| खाता हस्तांतरण | बैंक/डाकघर के बीच संभव |
| टैक्स स्थिति | EEE (पूरी तरह टैक्स मुक्त) |
| खाता संचालन | ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों |
| सुरक्षा | सरकार द्वारा गारंटीड, अत्यंत सुरक्षित |
निष्कर्ष
Public Provident Fund (PPF) एक सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्प है, जो दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण और कर लाभ के लिए उपयुक्त है। इसकी वर्तमान ब्याज दर और कर मुक्त लाभ इसे प्रत्येक भारतवासी के लिए एक आदर्श निवेश योजना बनाते हैं। 15 वर्षों की लॉक-इन अवधि के बावजूद, इसकी अवधि बढ़ाने, आंशिक निकासी, और ऋण सुविधा इसे लचीला और उपयोगी बनाती है। निवेशकों के लिए यह योजना निरंतर बचत की आदत विकसित करने और जोखिम रहित निवेश प्रदान करने वाला एक सशक्त माध्यम है, जो दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक है।