8th Pay Commission: कितनी होगी वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी, कब से लागू होंगे नए बदलाव? पूरी जानकारी यहां जानें

Nivesh NestPersonal Finance4 months ago14.3K Views

केंद्र सरकार के करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवां वेतन आयोग / 8th Pay Commission एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। यह जनवरी 2025 में लागू होने की घोषणा के बाद से लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशनधारक उत्सुक हैं। लेकिन आयोग के गठन में देरी की वजह से वेतन वृद्धि 2028 तक टल सकती है।

8वें वेतन आयोग में विभिन्न फिटमेंट फैक्टर के तहत संभावित वेतन और पेंशन वृद्धि

8वें वेतन आयोग में विभिन्न फिटमेंट फैक्टर के तहत संभावित वेतन और पेंशन वृद्धि

वर्तमान स्थिति और देरी के कारण

8वें वेतन आयोग के Terms of Reference (ToR) को अगस्त 2025 तक अंतिम रूप नहीं दिया गया था, हालांकि इसकी घोषणा 16 जनवरी 2025 को की गई थी। सरकार अभी भी रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग और सभी राज्य सरकारों से सुझाव प्राप्त कर रही है, जैसा कि वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया है।

देरी की मुख्य वजहें:

  • ToR (कार्यक्षेत्र) का अंतिम रूप नहीं मिलना
  • अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति नहीं होना
  • विभिन्न मंत्रालयों से प्रतिक्रिया का इंतजार

ऐतिहासिक देरी: यह 5वें वेतन आयोग के बाद सबसे लंबी देरी है। 203 दिन बीत जाने के बाद भी ToR की अधिसूचना नहीं आई है।

8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया टाइमलाइन - घोषणा से लेकर अपेक्षित कार्यान्वयन तक

8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया टाइमलाइन – घोषणा से लेकर अपेक्षित कार्यान्वयन तक

फिटमेंट फैक्टर और वेतन वृद्धि की संभावनाएं

फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है जिससे मौजूदा मूल वेतन को गुणा करके नया वेतन निकाला जाता है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था।

विभिन्न फिटमेंट फैक्टर की संभावनाएँ

1. रूढ़िवादी परिदृश्य (1.8 – 1.92):

  • न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹32,400 – ₹34,560 तक हो सकता है।
  • कुल वेतन वृद्धि केवल 13% से 20% तक रहेगी।
  • यह बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग द्वारा दी गई 14.3% वृद्धि से भी कम होगी।

2. मध्यम परिदृश्य (2.28):

  • न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹41,040 हो सकता है।
  • न्यूनतम पेंशन ₹9,000 से बढ़कर ₹20,520 तक पहुँच सकती है।
  • इसमें लगभग 128% तक की वेतन वृद्धि संभव है।

3. आशावादी परिदृश्य (2.86):

  • न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹51,480 तक पहुँच सकता है।
  • न्यूनतम पेंशन ₹9,000 से बढ़कर ₹25,740 तक जा सकती है।
  • इसमें 186% तक वेतन वृद्धि की संभावना रहेगी।

👉 कर्मचारी संगठनों की मांग है कि NC-JCM के अनुसार फिटमेंट फैक्टर कम से कम 2.86 होना चाहिए, जिससे 186% वेतन वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

पेंशन में सुधार

8वा वेतन आयोग पेंशनरों के लिए भी राहत लेकर आएगा:

  • वर्तमान न्यूनतम पेंशन: ₹9,000
  • संभावित वृद्धि: 2.28 फिटमेंट फैक्टर के साथ ₹20,520
  • अधिकतम वृद्धि: 2.86 फिटमेंट फैक्टर के साथ ₹25,740
  • औसत पेंशन वृद्धि: 20-30% की उम्मीद

अन्य पेंशन सुधार:

  • पारिवारिक पेंशन में वृद्धि
  • महंगाई राहत (DR) में संशोधन
  • ग्रेच्युटी सीमा में वृद्धि

DA (महंगाई भत्ता) की स्थिति

जुलाई 2025 DA वृद्धि: केंद्रीय कर्मचारियों को 3% DA की वृद्धि मिली है, जो 55% से बढ़कर 58% हो गई है। यह 7वें वेतन आयोग के तहत अंतिम DA वृद्धि है।

8वें वेतन आयोग के बाद DA स्थिति:

  • DA शून्य से शुरू होगी
  • नया चक्र जनवरी 2026 से
  • द्विवार्षिक समीक्षा जारी रहेगी

कार्यान्वयन की संभावित समयसीमा

मूल योजना बनाम वर्तमान स्थिति:

  • मूल योजना: इसे 1 जनवरी 2026 से लागू करने का प्रस्ताव था।
  • वास्तविकता: अब इसके 2027–2028 तक खिसकने की संभावना है।

चरणबद्ध कार्यान्वयन:

  • ToR अधिसूचना: दिसंबर 2025 या जनवरी 2026 में जारी होने की उम्मीद।
  • पैनल नियुक्ति: ToR जारी होने के तुरंत बाद।
  • रिपोर्ट प्रस्तुति: लगभग 18–24 महीने बाद, यानी 2027 के मध्य तक।
  • सरकारी स्वीकृति: इसके बाद लगभग 6–9 महीने का समय लग सकता है।
  • कार्यान्वयन: अनुमानित रूप से 2028 की शुरुआत में।

पूर्वव्यापी लाभ: लागू होने के बाद प्रभाव 1 जनवरी 2026 से माना जाएगा और उसी आधार पर बकाया राशि दी जाएगी।

संभावित चुनौतियां:

DA रीसेट: 58% DA शून्य हो जाएगी
प्रभावी वृद्धि कम: फिटमेंट फैक्टर के अनुसार वास्तविक लाभ
कार्यान्वयन देरी: 2028 तक इंतजारf

भत्ते में संभावित परिवर्तन

भत्ते में सरलीकरण: सरकार अनावश्यक भत्तों को समाप्त करने की योजना बना रही है।

संभावित बदलाव:

समाप्त हो सकने वाले भत्ते:

  • यात्रा भत्ता (TA)
  • विशेष ड्यूटी भत्ता
  • क्षेत्रीय/लिपिक भत्ते

मजबूत बनाए जाने वाले भत्ते:

  • मूल वेतन और DA पर फोकस
  • HRA में संशोधन
  • निश्चित चिकित्सा भत्ता: पेंशनरों के लिए ₹1000 से ₹3000

तुलनात्मक विश्लेषण

पिछले वेतन आयोगों से तुलना:

6वां वेतन आयोग (2006):

  • फिटमेंट फैक्टर: 1.86
  • न्यूनतम वेतन: ₹7,000
  • वेतन वृद्धि: 157%

7वां वेतन आयोग (2016):

  • फिटमेंट फैक्टर: 2.57
  • न्यूनतम वेतन: ₹18,000
  • वेतन वृद्धि: 157%

8वां वेतन आयोग (अपेक्षित 2026):

  • फिटमेंट फैक्टर: 2.28-2.86
  • न्यूनतम वेतन: ₹41,000-51,480
  • वेतन वृद्धि: 128-186%

कर्मचारी संघों की मांगें

मुख्य मांगें:

  1. न्यूनतम मूल वेतन: ₹18,000 से ₹26,000
  2. फिटमेंट फैक्टर: 2.57 से 3.68 तक बढ़ाना
  3. DA मर्जर: अगली समीक्षा से पहले मूल वेतन में मिलाना
  4. स्थायी वेतन संशोधन बोर्ड: तदर्थ आयोगों के बजाय

निष्कर्ष और सिफारिशें

8वें वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है, हालांकि इसके लागू होने में हो रही देरी चिंता का कारण बन रही है। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर वेतन में लगभग 128% से 186% तक बढ़ोतरी संभव है। वहीं, CGEPHIS जैसी नई स्वास्थ्य योजना मौजूदा सेवाओं में बड़ा बदलाव ला सकती है।

मुख्य पहलू:

  • लागू होने की समयसीमा: अनुमान है कि आयोग का क्रियान्वयन 2028 में होगा, लेकिन लाभ जनवरी 2026 से पूर्वव्यापी (retrospective) प्रभाव से दिए जाएंगे।
  • वेतन वृद्धि: फिटमेंट फैक्टर 2.28 से 2.86 के बीच तय होने पर कर्मचारियों के वेतन में उल्लेखनीय इजाफा होगा।
  • स्वास्थ्य सेवाएं: मौजूदा CGHS व्यवस्था की जगह CGEPHIS योजना लाई जा सकती है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
  • महंगाई भत्ता (DA): वर्तमान 58% दर रीसेट होकर शून्य से शुरू होगी और फिर से नया चक्र प्रारंभ होगा।

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